विश्व कुष्ठ रोग दिवस (World Leprosy Day) प्रतिवर्ष जनवरी के आखिरी रविवार को और भारत में 30 जनवरी (महात्मा गांधी की पुण्यतिथि) को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य कुष्ठ रोग (हैनसेन रोग) के प्रति जागरूकता बढ़ाना, भेदभाव को समाप्त करना और यह संदेश फैलाना है कि यह एक पूरी तरह से ठीक होने योग्य बीमारी है। कुष्ठ रोग दिवस के मुख्य बिंदु: उद्देश्य: कुष्ठ रोग के बारे में गलत धारणाओं को दूर करना, शीघ्र उपचार को बढ़ावा देना और रोगियों के साथ भेदभाव समाप्त करना है। इतिहास: इसकी शुरुआत 1954 में फ्रांसीसी समाज सेवी राउल फोलेरो द्वारा गांधीजी को श्रद्धांजलि के रूप में की गई थी। 2026 में कब: वर्ष 2026 में यह दिवस 25 जनवरी (रविवार) को मनाया जा रहा है। गांधीजी से संबंध: महात्मा गांधी कुष्ठ रोगियों के प्रति गहरी सहानुभूति रखते थे और उनके उत्थान के लिए कार्य करते थे, इसलिए उनकी पुण्यतिथि पर यह भारत में मनाया जाता है। 2025 की थीम: "एकजुट हों। कार्य करें। उन्मूलन करें।" (Unite, Act, Eliminate)। महत्व: यह दिन याद दिलाता है कि कुष्ठ रोग का निदान और इलाज संभव है, और प्रभावित व्यक्तियों को सम्मान के साथ ...